हरिद्वार में गूंजा संघ शक्ति का शंखनाद: विजयदशमी पर आरएसएस ने निकाला भव्य पथ संचलन जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा
हरिद्वार में गूंजा संघ शक्ति का शंखनाद: विजयदशमी पर आरएसएस ने निकाला भव्य पथ संचलन जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार। विजयदशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा दयानंद बस्ती क्षेत्र में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। पूर्ण गणवेश में अनुशासित कदमताल करते स्वयंसेवकों का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरानुसार विधि-विधान से शस्त्र पूजन के साथ हुई।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुके संघ ने इस ऐतिहासिक वर्ष में हर गांव और बस्ती तक पहुंचने का संकल्प लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा:
संघ का मूल कार्य व्यक्ति निर्माण है जो पिछले 100 वर्षों से अनवरत जारी है। शाखा संघ की रीढ़ है, जहां जाति पंथ और भाषा से परे हटकर राष्ट्रभक्ति अनुशासन और सेवा भाव के सद्गुणों का सिंचन होता है।
शक्ति की उपासना और संघ का संकल्प
डॉ. शैलेंद्र ने राष्ट्र विरोधी ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि समाज में हमेशा दुर्बल की ही बलि दी जाती है। जब हमने शक्ति की पूजा छोड़ी, तभी विदेशी आक्रांताओं ने हम पर शासन किया। लेकिन आज हिंदू समाज जागृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि संघ का जितना विरोध हुआ, वह उतना ही सशक्त होकर उभरा है। कांग्रेस का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि अनुकरण करके शाखाएं चलाना संभव नहीं है, क्योंकि संघ पद या लाभ का नहीं, बल्कि सर्वस्व समर्पण का नाम है।
आपदा से लेकर सेवा तक: हर मोर्चे पर आगे
कार्यक्रम में जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान ने संघ की स्थापना के ऐतिहासिक संदर्भ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के ही दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में संघ की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी हो या कोई प्राकृतिक आपदा, स्वयंसेवकों ने हमेशा खुद को सेवा के प्रथम पथ पर साबित किया है।
प्रबुद्धजनों और पदाधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- संघ पदाधिकारी: नगर संचालक एडवोकेट ज्ञानेश ठकराल, जिला प्रचारक जगदीप, नगर प्रचारक तनुज, प्रांत सामाजिक सद्भाव प्रमुख रमेश उपाध्याय, नगर कार्यवाह डॉ. अनुराग वत्स, सह कार्यवाह बलदेव रावत आदि।
- विशिष्ट अतिथि: पूर्व कुलपति डॉ. दिनेशचंद्र शास्त्री, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. नवीन पंत।
- अन्य प्रमुख सदस्य: अमित शर्मा (जिला सामाजिक सद्भाव प्रमुख), भूपेंद्र रावत, उमेश मिश्रा, सुशील सैनी, मनोज पाल, अमित त्यागी, मोनू त्यागी सहित सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




