हरिद्वार में आगामी त्योहारों को लेकर प्रशासन सख्त: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जारी किए सुरक्षा और शांति व्यवस्था के कड़े निर्देश
हरिद्वार में आगामी त्योहारों को लेकर प्रशासन सख्त: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जारी किए सुरक्षा और शांति व्यवस्था के कड़े निर्देश

भारत आवाज़ (24*7)
(टीटू कुमार) हरिद्वार, 05 नवंबर धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा और ईगास-बग्वाल जैसे आगामी त्योहारों को जनपद में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी 06 नवंबर को धनतेरस, 08 नवंबर को दीपावली, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैयादूज, 14-15 नवंबर को छठ पूजा और 20 नवंबर को ईगास-बग्वाल का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान बाजारों में भारी भीड़, महिलाओं की आवाजाही और विभिन्न आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
प्रमुख निर्देश और सुरक्षा बिंदु:
- सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी: भ्रामक, भड़काऊ और आपत्तिजनक सूचनाएं प्रसारित करने वालों तथा डिजिटल असामाजिक तत्वों पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा पैनी नजर रखी जाएगी। अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाएगा।
- आतिशबाजी और अग्निशमन व्यवस्था: पटाखों की दुकानें भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से हटाकर खुले मैदानों में सीमित संख्या में लगाने की अनुमति होगी। दुकानों और गोदामों पर 24 घंटे अग्निशमन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। अवैध और मिलावटी पटाखों की बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी।
- यातायात और भीड़ नियंत्रण: धनतेरस और दीपावली पर बाजारों में लगने वाले जाम से निपटने के लिए यातायात प्रबंधन बेहतर किया जाएगा। वहीं, छेड़छाड़ और चैन स्नैचिंग जैसी वारदातों को रोकने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।
- छठ घाटों पर विशेष प्रबंध: छठ पूजा के दौरान नदियों और तालाबों के घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
- संवेदनशील क्षेत्रों में समन्वय: कनखल, रुड़की, ज्वालापुर और बहादराबाद जैसे संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, अग्निशमन, विद्युत, स्वास्थ्य और नगर निगम के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।




