अर्द्धकुंभ में मांस-मदिरा और नशे की बिक्री पर लगे पूर्ण प्रतिबंध: श्री अखंड परशुराम अखाड़ा
अर्द्धकुंभ में मांस-मदिरा और नशे की बिक्री पर लगे पूर्ण प्रतिबंध: श्री अखंड परशुराम अखाड़ा

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार: श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने अर्द्धकुंभ मेले के दौरान धर्मनगरी हरिद्वार की पवित्रता और सनातन संस्कृति की मर्यादा को बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अखाड़े के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि अर्द्धकुंभ क्षेत्र में मांस, मदिरा और सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री व सेवन पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जाए।
प्रमुख माँगें और चिंताएँ
पवित्रता और परंपरा की रक्षा: अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि एक तरफ अर्द्धकुंभ की तैयारियों और शहर की सजावट के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ कुंभ नगरी की मूल आध्यात्मिक पहचान और सनातन परंपरा की उपेक्षा हो रही है।
खुलेआम हो रही बिक्री: वर्तमान में शहर के भीतर जगह-जगह शराब और मांस की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। यहाँ तक कि ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए भी घर-घर मांस-मदिरा पहुंचाई जा रही है जो सनातन संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है।
युवा पीढ़ी को बचाने की गुहार: खुलेआम बिक रहे ड्रग्स और नशीले इंजेक्शनों के कारण हरिद्वार की युवा पीढ़ी बर्बादी के कगार पर पहुँच रही है जिस पर तुरंत रोक लगाना बेहद जरूरी है।
सरकार और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपील
श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि वे इस मामले में त्वरित संज्ञान लें और अर्द्धकुंभ की पूरी अवधि के लिए हरिद्वार धर्मनगरी में मांस, मदिरा और नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के संबंध में तत्काल प्रभाव से आधिकारिक अधिसूचना जारी करें।
ज्ञापन देने वाले प्रमुख संतों और पदाधिकारियों में कोतवाल कमल मुनि, रवि चेतन, सुबोधानंद, रमेशानंद, पवनकृष्ण शास्त्री, स्वामी कार्तिक, गौरव, ऋषि और कपिलानंद आदि शामिल रहे।




