उत्तराखंड में समाजवादी पार्टी की बढ़ती ताकत: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा ने कसी कमर
उत्तराखंड में समाजवादी पार्टी की बढ़ती ताकत: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा ने कसी कमर

भारत आवाज़ (24*7)
(टीटू कुमार) हरिद्वार: उत्तराखंड की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) अपने जनाधार को तेजी से मजबूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में सपा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं सदस्यता अभियान प्रभारी सत्येंद्र कुमार राय के हरिद्वार पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। ललतारौ पुल स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित इस स्वागत समारोह की कमान प्रदेश सहप्रभारी महंत शुभम गिरी ने संभाली।
उत्तर प्रदेश मॉडल पर होगा आगामी चुनाव
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सत्येंद्र कुमार राय ने बड़ा ऐलान किया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल के आधार पर चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन दिनों चल रहे सदस्यता अभियान को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है, और बड़ी संख्या में लोग सपा के साथ जुड़ रहे हैं।
सरकार पर तीखा हमला: बेरोजगारी और अंकिता भंडारी प्रकरण पर सवाल
सत्येंद्र कुमार राय ने केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश में आज ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात बन चुके हैं। युवा आज बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए सड़कों पर धक्के खा रहे हैं, और आम जनता अपने बुनियादी अधिकारों तथा मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
चर्चिक अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगे हैं, उसे संवैधानिक पद पर बैठाया जा रहा है। अंकिता के परिवार द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कथित वीआईपी का नाम सामने लाने की मांग पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया जबकि इसके विपरीत भाजपा से जुड़े एक व्यक्ति की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली गई जो न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।
बदलाव का मन बना चुकी है उत्तराखंड की जनता
प्रदेश सहप्रभारी महंत शुभम गिरी ने इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकारों की जनविरोधी नीतियों से अब उत्तराखंड की जनता त्रस्त आ चुकी है और राज्य में बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दल जनता के हितों की रक्षा के लिए भाजपा की तानाशाही नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र पाराशर, मशकूर कुरैशी और लवदत्ता सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।




