अंकिता भंडारी मामले के कथित वीआईपी की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के खिलाफ रुड़की में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
अंकिता भंडारी मामले के कथित वीआईपी की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के खिलाफ रुड़की में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन

भारत आवाज़ (24*7)
(टीटू कुमार) रुड़की: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। मामले में कथित तौर पर जुड़े एक व्यक्ति को राज्यपाल पद पर नियुक्त किए जाने के विरोध में रुड़की के कांग्रेसी सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही दिल्ली के इंडिया गेट पर न्याय की गुहार लगाने पहुंचे अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की कड़ी निंदा की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मेयर गौरव गोयल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक तौर पर सामने आया था। सरकार ने खुद मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति देने की बात कही थी लेकिन इसके उलट आरोपी या कथित वीआईपी को राज्यपाल जैसे गरिमामयी पद पर बैठाना जनता के साथ सीधा धोखा है।
ब्लॉक अध्यक्ष नीरज सैनी और मोहम्मद रिजवान ने सरकार से इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस संवेदनशील मामले में शुरुआत से ही जनता को गुमराह करती आ रही है। प्रदर्शन के बाद सभी कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम से सिविल लाइन तक एक रोषपूर्ण कैंडल मार्च निकाला और अंकिता के लिए न्याय की मांग दोहराई।
इस दौरान मनोज सैनी, अनिल पुंडीर, यास्मीन खान, पूर्व पार्षद गुड्डू चौधरी और उम्मेद गाजी सहित कई प्रमुख कांग्रेसी मौजूद रहे।




