एक्सक्लूसिव खबरेंहरिद्वार भारत

डॉ. नवीन पंत ने संभाला उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष का पदभार संस्कृत शिक्षा का विस्तार और प्रचार-प्रसार होगी प्राथमिकता

डॉ. नवीन पंत ने संभाला उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष का पदभार संस्कृत शिक्षा का विस्तार और प्रचार-प्रसार होगी प्राथमिकता

भारत आवाज़ (24*7)

(विशाल सिंह) ​हरिद्वार: संस्कृत भाषा के संरक्षण संवर्धन और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए डॉ. नवीन पंत ने उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया है। गुरुवार को दोपहर दो बजे आधिकारिक रूप से पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्कृत शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करना तथा इस प्राचीन भाषा की सेवा करना ही उनका मुख्य ध्येय रहेगा। ​पदभार ग्रहण करने के उपरांत पत्रकारों व उपस्थित गणमान्य लोगों से बातचीत करते हुए डॉ. नवीन पंत ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा मात्र नहीं है बल्कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की सच्ची संवाहक है। इसके संरक्षण के लिए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर और ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनका विशेष प्रयास रहेगा कि संस्कृत शिक्षा समाज के दूर-दराज के विद्यार्थियों तक पहुँचे और युवाओं में इस भाषा के प्रति गहरी रुचि जागृत हो।

​उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि संस्कृत के विद्वानों शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भाषा के प्रचार-प्रसार से जुड़े सभी कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

​इस अवसर पर संस्कृत संस्थान के सचिव प्रोफेसर विनय विद्या अलंकार, हेमंत तिवारी, महेश बहुगुणा, डॉ. हरीश गुरुरानी, नवीन जोशी, कमल जोशी, चंद्र प्रकाश पांडे, सूरज डोभाल, लीला रावत, विकास जोशी, प्रियंका गरकोटी, हिमांशु गुरुरानी, अभिषेक और दीपक बहुगुणा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और डॉ. पंत को उनके सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

Related Articles

Back to top button