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उत्तराखंड पुलिस स्मृति दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए की 8 बड़ी घोषणाएं

उत्तराखंड पुलिस स्मृति दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए की 8 बड़ी घोषणाएं

भारत आवाज़ (24*7)

(ब्यूरो रिपोर्ट) ​देहरादून: राजधानी स्थित पुलिस लाइन के शहीद स्मारक स्थल पर मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर एक भव्य और भावुक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर देश के वीर पुलिस और अर्धसैनिक बल के अमर शहीदों को नमन किया।

​इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित तमाम गणमान्य अतिथियों और पुलिस अधिकारियों ने शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

​मुख्यमंत्री की 8 प्रमुख घोषणाएं

​पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और पुलिसकर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  1. ​नई भर्तियां: उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में लगभग 1,600 रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
  2. ​पद समीक्षा: थानों और चौकियों में कार्यभार के अनुसार कार्मिकों के पदों की संख्या और व्यवस्था की समीक्षा होगी।
  3. ​आधुनिक जांच किट: विवेचकों (Investigating Officers) को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएगी।
  4. ​बजट में बढ़ोत्तरी: थानों के आवश्यक कार्यों के लिए मिलने वाला वार्षिक बजट 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये किया जाएगा।
  5. ​मॉडर्न स्कूल: प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा स्तर में सुधार किया जाएगा।
  6. ​आवास सुविधा: देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और मल्टी-स्टोरी बैरक का निर्माण होगा।
  7. ​अस्पताल का उच्चीकरण: देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल की सुविधाओं को और बेहतर और आधुनिक बनाया जाएगा।
  8. ​कल्याणकारी उपाय: पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

​शहीदों के बलिदान को किया गया याद

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी दीपम सेठ ने 21 अक्टूबर 1959 के इतिहास को याद किया। उन्होंने बताया कि लद्दाख के हॉट-स्प्रिंग क्षेत्र में 16,000 फीट की ऊंचाई पर सीआरपीएफ (CRPF) के 10 जवानों ने उपनिरीक्षक करन सिंह के नेतृत्व में देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

​मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज़ादी के बाद से देश भर में 35 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की है। पिछले एक साल में देश भर के 154 जवानों ने शहादत दी जिसमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में बना राष्ट्रीय पुलिस स्मारक हमारे वीर जवानों के त्याग और साहस का प्रतीक है।

​चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिकीकरण

​मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है जिससे साइबर अपराध और नशा जैसी गंभीर चुनौतियां बढ़ी हैं। इनसे निपटने के लिए:

  • ​लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन Center का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
  • ​नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
  • ​महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए हर थाने की महिला हेल्प डेस्क के तहत क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है।

​साथ ही, इस वर्ष लगभग 5 करोड़ कांवड़ यात्रियों और 60 लाख से अधिक चारधाम यात्रियों की सुरक्षित यात्रा संपन्न कराने के लिए उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के समर्पण की सराहना की। इस वर्ष उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राज्य के 319 पुलिसकर्मियों को पदकों से सम्मानित किया गया है, और उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स’ के लिए नामित किया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

​परिजनों और जवानों के कल्याण के लिए उठाए गए कदम

  • ​आर्थिक सहायता: पुलिस शहीद कोष के माध्यम से इस वर्ष आश्रित परिवारों को करीब 50 लाख रुपये की सहायता दी गई है। सैलरी पैकेज योजना के तहत 31 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है।
  • ​स्वास्थ्य सुविधाएं: AIIMS ऋषिकेश में 24×7 पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित किया जा रहा है। आपातकालीन इलाज के लिए ‘जीवन रक्षक निधि’ से इस साल 25 कर्मियों को 1 करोड़ 16 लाख रुपये की अग्रिम सहायता दी गई।
  • ​शिक्षा: पुलिस मॉडर्न स्कूलों में 3 हजार से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। मेधावी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए 34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।
  • ​आवास और पदोन्नति: पुलिस आवास संतुष्टि दर 18% से बढ़ाकर 22% कर दी गई है, जिसे 30% तक ले जाने का लक्ष्य है। इस साल 785 कर्मियों को पदोन्नति दी गई है।

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, और विभिन्न वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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