हरिद्वार नगर निगम में घमासान: निजी कंपनी को मुफ्त जमीन देने पर भड़के कांग्रेस पार्षद सौंपा ज्ञापन
हरिद्वार नगर निगम में घमासान: निजी कंपनी को मुफ्त जमीन देने पर भड़के कांग्रेस पार्षद सौंपा ज्ञापन

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार: ई-कार्ट का संचालन करने वाली एक निजी कंपनी को नगर निगम की बेशकीमती भूमि निःशुल्क दिए जाने का मामला गरमा गया है। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव का घेराव करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा और निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
अधिकारियों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सभासद अशोक शर्मा और पार्षद सुनील कुमार ने नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना और पार्षदों को विश्वास में लिए बिना ही यह निर्णय लिया है। करोड़ों रुपये मूल्य की ज़मीन चुपचाप एक निजी कंपनी के हवाले कर दी गई, जो अधिकारियों की मनमानी और तानाशाही रवैया को दर्शाता है।
बोर्ड बैठक के बिना जमीन देने पर सवाल
पार्षद विवेक भूषण विक्की और अरशद ख्वाजा ने नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर होने की बात कही। उनका कहना था कि बिना किसी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाए निगम की संपत्ति को निजी कंपनी को सौंपना पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी है।
ज़रूरतमंदों को मिलने चाहिए थे लाभ
पार्षद एडवोकेट सुमित त्यागी और पुनीत कुमार ने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर किस नियम के तहत यह ज़मीन मुफ्त में बांटी गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि ज़मीन मुफ्त में देनी ही थी तो किसी स्थानीय विधवा दिव्यांग या अत्यंत जरूरतमंद व्यक्ति को दी जानी चाहिए थी न कि किसी व्यावसायिक कंपनी को। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद अकरम अंसारी, लाली, और सन्नी कुमार समेत कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।




