रुड़की में रामलीला का रोमांच: वनवास और सीता हरण के सजीव दृश्यों ने मोहा मन गूंजे जय श्री राम के नारे
रुड़की में रामलीला का रोमांच: वनवास और सीता हरण के सजीव दृश्यों ने मोहा मन गूंजे जय श्री राम के नारे

भारत आवाज़ (24*7)
(टीटू कुमार) रुड़की: बीटी गंज रामलीला समिति की ओर से आयोजित 107वें भव्य रामलीला महोत्सव में गुरुवार की रात धर्म और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। कलाकारों द्वारा भगवान श्रीराम के वनवास और सीता हरण के मर्मस्पर्शी प्रसंगों का ऐसा सजीव मंचन किया गया कि पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा और दर्शक भावविभोर हो गए।
भावुक कर देने वाले प्रसंगों का मंचन
मंच की शुरुआत प्रभु श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन के दृश्यों से हुई। कलाकारों ने इसके बाद कई अहम पड़ावों को जीवंत किया:
महर्षि अत्रि-माता अनुसुइया और अगस्त्य मुनि के आश्रम के दृश्य ने दर्शकों को त्रेता युग की याद दिला दी। पंचवटी निर्माण के बाद सूर्पणखा का आगमन लक्ष्मण द्वारा उसका नाक-कान काटना और खर-दूषण वध का मंचन देख दर्शकों में रोमांच भर गया।अंत में रावण द्वारा छलपूर्वक माता सीता के हरण के दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। कलाकारों के शानदार अभिनय ने प्रसंग में जान फूंक दी।
संस्कृति को बचाने का सशक्त माध्यम: मदन कौशिक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने रामलीला को भारतीय संस्कृति की अमूल्य थाती बताया। उन्होंने कहा भगवान श्रीराम का जीवन त्याग मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज की युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने में ऐसे आयोजन बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने बीटी गंज रामलीला समिति की इस लंबी परंपरा को संजोए रखने के लिए सराहना की।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
समारोह का कुशल संचालन समिति के महामंत्री सौरभ सिंघल ने किया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में चेरब जैन, चौधरी धीर सिंह, सुशील त्यागी, अरविंद कश्यप, प्रदीप गोयल, नवनीत सिंघल, नितिन गोयल, पवन तोमर, विशाल गुप्ता, वरुण गोयल, अनिल शुक्ला, प्रदीप परूथी, मनोज अग्रवाल, अभिषेक मित्तल और शिवम अग्रवाल समेत शहर के तमाम गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।




