Blogएक्सक्लूसिव खबरेंहरिद्वार भारत

यूजीसी रोलबैक व आरक्षण सुधार की मांग को लेकर लक्सर रोड पर उमड़ा जनसैलाब, महारैली में हुंकार

रानीमाजरा के रुबराज वेंकट हॉल में सामान्य वर्ग एकता मंच की विशाल जनसभा; SDM लक्सर को सौंपा ज्ञापन, उठी एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर रोक और आरक्षण की समीक्षा की मांग।

भारत आवाज़ (24*7)

(विशाल सिंह)​ पथरी (हरिद्वार)। आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, यूजीसी रोलबैक तथा एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की मांगों को लेकर रविवार को लक्सर रोड स्थित ग्राम रानीमाजरा के रुबराज वेंकट हॉल में ‘सामान्य वर्ग एकता मंच’ के बैनर तले एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में हरिद्वार जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के अलावा आसपास के कई राज्यों व जनपदों से हजारों की संख्या में लोगों ने शिरकत की। ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच आयोजन स्थल पर समाज की एकजुटता का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला।

​कानून का उद्देश्य सुरक्षा देना हो, भय फैलाना नहीं: ठाकुर पूरण सिंह

​उत्तर प्रदेश के शामली से पहुंचे प्रमुख वक्ता ठाकुर पूरण सिंह चौहान ने कहा कि यूजीसी के प्रावधानों और एससी-एसटी एक्ट के मनमाने प्रयोग को लेकर सामान्य वर्ग अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “किसी भी कानून का मकसद न्याय और सुरक्षा देना होना चाहिए, न कि किसी विशेष वर्ग में डर या असमानता का माहौल पैदा करना।” उन्होंने समाज से अपने मताधिकार और राजनीतिक ताकत को पहचानने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में राजनीतिक दलों से सवाल पूछने होंगे और अपनी भावी पीढ़ी के अधिकारों को सुनिश्चित करना होगा।

​प्रतिभा और आर्थिक स्थिति बने आधार: एडवोकेट अनिल मिश्र

​सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्र ने आरक्षण के कानूनी व सामाजिक पहलुओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशकों बाद अब आरक्षण व्यवस्था का निष्पक्ष मूल्यांकन समय की मांग है। प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग के युवाओं के साथ हो रही असमानता पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी पारदर्शी नीति बनानी चाहिए जिसमें प्रतिभा, आर्थिक स्थिति और वास्तविक वंचना को प्राथमिकता मिले। उन्होंने याद दिलाया कि लोकतंत्र में जनता ही सत्ता बनाती है और वही इसे बदलने की ताकत रखती है।

​सामाजिक समरसता के लिए सभी वर्गों का सम्मान जरूरी: पं. पदमप्रकाश शर्मा

​उत्तराखंड ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पंडित पदमप्रकाश शर्मा ने कहा कि आरक्षण व सामाजिक नीतियों पर स्वस्थ बहस लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है। सामाजिक समरसता केवल एक वर्ग के तुष्टिकरण से नहीं, बल्कि सभी वर्गों को न्यायसंगत सम्मान देने से ही मजबूत होगी। वहीं कार्यक्रम के अध्यक्ष बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि सामान्य वर्ग की समस्याओं पर अब केवल चर्चा नहीं, बल्कि संगठित और तथ्याधारित कदम उठाने का वक्त आ गया है।

​महारैली के मुख्य बिंदु और मांगें:

  • ​समीक्षा की मांग: आरक्षण व्यवस्था के वर्तमान स्वरूप और इसके दूरगामी सामाजिक प्रभावों का नए सिरे से मूल्यांकन किया जाए।
  • ​युवाओं के अधिकार: प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता, समान अवसर और मेधावी युवाओं के हितों की रक्षा की जाए।
  • ​दुरुपयोग पर रोक: एससी-एसटी एक्ट और यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों के दुरुपयोग को रोका जाए।

​महाराणा प्रताप चौक तक पैदल मार्च, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

​सभामंच से हुंकार भरने के बाद जनसभा विशाल जुलूस में बदल गई। हजारों की संख्या में आक्रोशित व जागरूक नागरिक पैदल मार्च करते हुए महान क्षत्रिय सम्राट महाराणा प्रताप चौक (धारीवाला) पहुंचे। वहां प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (SDM) लक्सर के माध्यम से सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

​दिग्गज सामाजिक नेताओं की रही मौजूदगी

​कार्यक्रम को त्यागी व ब्राह्मण समाज मुजफ्फरनगर के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी, क्षत्रिय कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह चौहान, श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक, पार्षद सुनील कुमार अग्रवाल, पंजाबी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष राजू ओबराय, तथा वरिष्ठ अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान व नरेंद्र सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

​आयोजन समिति के ठाकुर अर्जुन सिंह चौहान, धर्मेंद्र चौहान, अतुल चौहान, शिवकुमार चौहान, पीयूष चौहान, नाथीराम चौहान, पंकज प्रधान, तरुण चौहान, विशाल चौहान, रविन्द्र शर्मा व नितिन चौहान सहित स्थानीय ग्रामीणों ने सभी अतिथियों का माला पहनाकर व ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया।

Related Articles

Back to top button