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विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027: जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का कड़ा रुख 29 व्यवस्थाओं के लिए नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की फौज तैनात!

विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027: जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का कड़ा रुख 29 व्यवस्थाओं के लिए नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की फौज तैनात!

भारत आवाज़ (24*7)

​हरिद्वार | 30 अक्टूबर ​उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हरिद्वार जनपद में चुनावी प्रक्रिया को इस बार ऐसा फुल-प्रूफ, पारदर्शी और लोहे जैसी सख्ती के साथ संपन्न कराने का फरमान जारी किया है, जिसकी गूंज पूरे प्रशासनिक अमले में साफ सुनाई दे रही है। निर्वाचन को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और खौफमुक्त (लेकिन प्रशासन की पैनी नजर के साथ) कराने के लिए कुल 29 प्रमुख कार्यों की कमान वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारियों के हाथों में सौंप दी गई है।

​जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने दो टूक चेतावनी दी है कि चुनाव कार्य में जरा सी भी लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर कोई हीला-हवाली या शिथिलता पाई गई, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम  के सबसे कड़े और सुसंगत प्रावधानों के तहत ऐसी गाज गिरेगी कि संबंधित अधिकारी का करियर खतरे में पड़ जाएगा—जिसकी पूरी जिम्मेदारी अधिकारी की खुद की होगी!

​ निर्वाचन व्यवस्थाओं के प्रमुख मोर्चे और तैनात किए गए कमान- अधिकारी:

    1. ​मैनपावर मैनेजमेंट (मतदान एवं मतगणना कार्मिक): कमान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के हाथ में; सहयोग के लिए डीआईओ महावीर सिंह रावत और सीईओ अमित चंद मुस्तैद।
    2. ​प्रशिक्षण एवं प्रबंधन: अमरेंद्र चौधरी और अभिषेक शुक्ला संभालेंगे ट्रेनिंग का जिम्मा।
    3. ​एएमएफ (न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं): अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वैभव गुप्ता रखेंगे बूथों की हर एक कमी पर पैनी नजर।
    4. ​सेक्टर व्यवस्था: हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव प्रत्युष सिंह करेंगे सेक्टरों की निगरानी।
    5. ​ईवीएम एवं वीवीपैट प्रबंधन: ग्रामीण निर्माण विभाग के ई. दिनेश कुमार संभालेंगे मशीनों की सुरक्षा और प्रबंधन का जिम्मा।
    6. ​स्वीप (मतदाता जागरूकता): जनता को जागरूक करने का जिम्मा फिर से सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र संभालेंगे।
    7. ​परिवहन एवं यातायात: एडीएम वैभव गुप्ता और सभी रिटर्निंग अधिकारी मिलकर गाड़ियों का बेड़ा और रूट मैप कसेंगे।
    8. ​कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन एवं एनजीएसपी: शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए डीडीओ कमलेश कुमार पंत और गरिमा मिश्रा रहेंगे मुस्तैद।
    9. ​आदर्श आचार संहिता (MCC): नगर आयुक्त नंदन कुमार के नेतृत्व में आचार संहिता तोड़ने वालों पर होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई।
    10. ​निर्वाचन व्यय लेखा (Expenditure Monitoring): धनबल के खेल पर नकेल कसने के लिए वरिष्ठ कोषाधिकारी अजय कुमार हर एक पाई का हिसाब रखेंगे।
    11. ​विधि एवं व्यवस्था, वल्नरेबिलिटी मैपिंग और सुरक्षा योजना: अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार और पुलिस प्रशासन (एसपी ग्रामीण अभय सिंह, सीओ दीपक सिंह) मिलकर गड़बड़ी करने वालों की सूची तैयार कर कड़ा पहरा बिठाएंगे।

​जिलाधिकारी की दो टूक चेतावनी:

चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा महापर्व है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही, लापरवाही या अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के हाथ बहुत लंबे हैं और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत ऐसे सख्त एक्शन लिए जाएंगे कि किसी को सफाई देने का मौका भी नहीं मिलेगा। सभी अधिकारी आपसी तालमेल के साथ हर गतिविधि की पल-पल की रिपोर्ट दें।

 

​प्रशासन की इस खौफनाक और कड़क तैयारी से साफ है कि इस बार हरिद्वार में निर्वाचन-2027 में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा और कानून का शिकंजा पूरी तरह कसकर तैयार है!

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