कुंभ-2027: के समय पर पूरे हों सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – मंडलायुक्त आनंद स्वरूप
कुंभ-2027: के समय पर पूरे हों सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई - मंडलायुक्त आनंद स्वरूप

भारत आवाज़ (24*7)
(टीटू कुमार) हरिद्वार | 2 नवंबर उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक कसावट तेज कर दी है। सोमवार को उन्होंने हरिद्वार के विभिन्न निर्माण स्थलों का देर सायं तक धरातलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने के कड़े निर्देश दिए।
मंडलायुक्त के इस औचक और विस्तृत निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना है।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु: प्रमुख स्थलों का जायजा
- चिड़ियापुर स्वागत द्वार: मंडलायुक्त ने सबसे पहले चिड़ियापुर में निर्माणाधीन स्वागत द्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रवेश एवं स्वागत से जुड़े इन कार्यों को शीघ्र अति शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं के स्वागत की भव्य तैयारियां समय पर पूरी हो सकें।
- गौरीशंकर द्वीप अस्थायी पुल: गंगा नदी पर बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे अस्थायी पुल का जायजा लेते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए निर्माण की मजबूती और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न किया जाए।
- गौरीशंकर सेक्टर और बैरागी कैंप: इस प्रमुख शिविर स्थल पर चल रहे ड्रेस्सिंग, लेवलिंग, सड़क निर्माण, विद्युत और पेयजल व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही गंगा कैनाल पर बनाए जा रहे बैली ब्रिज के निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
- देवपुरा क्षेत्र का सौंदर्यीकरण: देवपुरा क्षेत्र में फसाड विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन करते हुए मंडलायुक्त ने भवनों व दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग और चित्रांकन कराने को कहा जिससे कुंभ के दौरान हरिद्वार की भव्यता और अलौकिक रूप स्पष्ट झलके।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: डे-वाइज प्रोग्रेस रिपोर्ट अनिवार्य
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की हीला-हवाली या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- दैनिक प्रगति रिपोर्ट: सभी संबंधित विभाग कार्यों की डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
- दिनवार विवरण (Day-wise Plan): शेष दिनों में बचे हुए कार्यों को किस गति से पूरा किया जाएगा इसका पूरा दिनवार खाका तैयार किया जाए।
- नियमित निगरानी: कार्यदायी संस्थाएं निर्माण स्थलों पर अपनी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें।
- आपसी समन्वय: सभी विभाग आपसी तालमेल और जवाबदेही के साथ कुंभ से जुड़े प्रोजेक्ट्स को समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारें।
प्रमुख रूप से रहे मौजूद
इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ समन्वयक गंगा प्रसाद पंत, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




