देहरादून में खाकी का खौफ: चोरी की रेकी करने आए कुख्यात बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ दोनों शातिर पैरों में गोली खाकर पहुंचे सलाखों के पीछे
देहरादून में खाकी का खौफ: चोरी की रेकी करने आए कुख्यात बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ दोनों शातिर पैरों में गोली खाकर पहुंचे सलाखों के पीछे
भारत आवाज़ (24*7)
(बर्यूरो रिपोर्ट) देहरादून: राजधानी में चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे दो शातिर बदमाशों को पटेलनगर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी, जिससे पुलिस की गाड़ी का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैरों में लगी, जिसके बाद वे लंगड़ाते हुए पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पकड़े गए दोनों आरोपी हरिद्वार के कुख्यात गैंगस्टर हैं, जिन पर पहले से ही दर्जनों गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
चोरों की तलाश में था पुलिस का पहरा बाइक सवारों ने की फायरिंग
बीते कुछ दिनों से पटेलनगर और विकासनगर क्षेत्र में बंद घरों को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। सूचना मिली थी कि शातिर चोर एक बार फिर किसी बड़ी वारदात की फिराक में देहरादून में डेरा डाले हुए हैं और इलाकों की रेकी कर रहे हैं।
इस इनपुट के आधार पर नयागांव क्षेत्र में पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए कड़ा पहरा बिठा रखा था। इसी दौरान सिंहनीवाला की तरफ से आ रही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को जब रोकने का इशारा किया गया, तो बदमाश चकमा देकर भागने लगे। पुलिस के पीछा करने पर घबराए बदमाशों ने भुड़पुर के पास कच्चे रास्ते पर खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर सीधा फायर झोंक दिया। बदमाशों की गोली से पुलिस की गाड़ी का अगला शीशा चकनाचूर हो गया।
जंगल में भागने की कोशिश पड़ी भारी पुलिस की गोली ने सिखाया सबक
फायरिंग के बाद हड़बड़ी में बदमाशों की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। इसके बाद वे हथियार लहराते हुए जंगल की तरफ भागे और पुलिस पर दोबारा गोलियां बरसाने लगे। जानलेवा हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जो सीधे दोनों बदमाशों के पैरों पर जाकर लगी। दर्द से कराहते हुए दोनों कुख्यात मौके पर ही ढेर हो गए और पुलिस ने उन्हें तुरंत दबोच लिया।
पहचान और आपराधिक इतिहास: हरिद्वार के शातिर हैं दोनों
पुलिस पूछताछ में घायल बदमाशों की पहचान समीम (35) पुत्र इलियास (निवासी- गंगनहर हरिद्वार) और शहजाद (40) पुत्र इकलाख (निवासी- रुड़की, हरिद्वार) के रूप में हुई है।
- समीम के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून के विभिन्न थानों में 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
- शहजाद के खिलाफ भी विभिन्न थानों में 9 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
- दोनों बदमाश पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं और उन पर गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई भी हो चुकी है।
बरामदगी और खुलासे
पुलिस ने इनके पास से 315 बोर के दो तमंचे, 4 जिंदा कारतूस, 6 खोखा कारतूस और पुलिस को चकमा देने के लिए मोटरसाइकिल पर लगाई गई एक फर्जी टैक्सी नंबर प्लेट बरामद की है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है कि वे शहर में बंद घरों की रेकी करने आए थे। इससे पहले भी उन्होंने पटेलनगर और विकासनगर में कई चोरियों को अंजाम दिया है, जिसका चोरी किया गया माल उन्होंने हरिद्वार के एक स्थानीय व्यक्ति को बेचा था।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी शेखर सुयाल और सीओ सदर अंकित कंडारी ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और अस्पताल पहुंचकर घायल बदमाशों की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर लिया है।




