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हरिद्वार में एससी-एसटी उत्पीड़न मामलों की समीक्षा: समयबद्ध न्याय और आर्थिक सहायता पर जोर

हरिद्वार में एससी-एसटी उत्पीड़न मामलों की समीक्षा: समयबद्ध न्याय और आर्थिक सहायता पर जोर

भारत आवाज़ (24*7)

(विशाल सिंह) ​हरिद्वार: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता पहुँचाने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। हाल ही में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की एक अहम बैठक संपन्न हुई।

​बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना था।

​एक सप्ताह के भीतर मिले आर्थिक सहायता राशि

​वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन के नियमों के अनुसार पीड़ितों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रक्रिया में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​दस्तावेज़ समय पर जुटाने के निर्देश

​सहायता राशि के भुगतान में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए पुलिस विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। एफआईआर दर्ज करते समय ही:

  • ​पीड़ितों का जाति प्रमाण पत्र
  • ​आधार कार्ड
  • ​आधार से लिंक बैंक पासबुक के पहले पन्ने की छायाप्रति
  • ​मोबाइल नंबर

​प्राप्त कर तत्काल समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराए जाएं जिससे कागजी कार्रवाई बिना किसी देरी के पूरी हो सके।

​संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी कड़ी नजर

​बैठक में जिले के उन इलाकों की भी पहचान की गई जहाँ एससी-एसटी उत्पीड़न के मामले अपेक्षाकृत अधिक सामने आते हैं। इन क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस प्रशासन और समिति के सदस्यों ने मिलकर एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

​बेहतर तालमेल और पारदर्शिता की अपील

​डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सभी संबंधित विभागों कोसीमित समन्वय के साथ काम करने और मामलों के प्रभावी निष्पादन के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी को सभी आवेदनों का बारीकी से परीक्षण करने को कहा गया। साथ ही समिति के सदस्यों से आग्रह किया गया कि यदि उनके संज्ञान में कोई ऐसा मामला आता है जहाँ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है या सहायता राशि नहीं मिली है तो वे उसे तुरंत समिति के समक्ष रखें ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।

​प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी

​बैठक के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा ने अब तक मिले आवेदनों और बांटी गई सहायता राशि का पूरा ब्योरा समिति के सामने रखा। इस अवसर पर समिति के सम्मानित सदस्य गोपाल कुमार, ऋषिपाल सिंह, अनूप कुमार और जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित कई प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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