दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना: बद्रीनाथ और जागेश्वर धाम के लिए वरिष्ठ नागरिकों का जत्था निःशुल्क यात्रा पर रवाना
दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना: बद्रीनाथ और जागेश्वर धाम के लिए वरिष्ठ नागरिकों का जत्था निःशुल्क यात्रा पर रवाना

भारत आवाज़ (24*7)
(टीटू कुमार) हरिद्वार: उत्तराखंड पर्यटन विभाग की महत्वकांक्षी दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत बुधवार को हरिद्वार से वरिष्ठ नागरिकों के दो दलों को धार्मिक यात्रा के लिए रवाना किया गया। जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल ने हरी झंडी दिखाकर तीर्थयात्रियों को बद्रीनाथ धाम और जागेश्वर धाम के लिए विदा किया और उनकी सुरक्षित व सुखमय यात्रा की मंगलकामनाएं दीं।
पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ धाम जाने वाले 27 सदस्यीय दल में 15 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं जबकि जागेश्वर धाम के लिए रवाना हुए 33 सदस्यीय दल में 23 महिलाएं और 12 पुरुष (कुल 35) अपनी यात्रा पर निकले हैं।
निःशुल्क और उत्तम व्यवस्थाएं
जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि यह चारों धामों/धामों की चार दिवसीय यात्रा पूरी तरह निःशुल्क है। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग द्वारा भोजन आवास और गाइड की व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के माध्यम से तथा परिवहन (बस) की व्यवस्था उत्तराखंड परिवहन निगम के जरिए सुनिश्चित की गई है।
योजना के तहत कई अन्य धामों की भी हो रही यात्रा
उल्लेखनीय है कि दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। इस योजना के दायरे में बद्रीनाथ धाम के साथ-साथ रीठा-मीठा साहिब (नानकमता साहिब), ताड़केश्वर (पौड़ी), कालीमठ (रुद्रप्रयाग), जागेश्वर (अल्मोड़ा), गैराड गोलू (बागेश्वर), बैजनाथ (बागेश्वर), गंगोलीहाट (पिथौरागढ़), महासू देवता हनोल (देहरादून), कालिंका व ज्वाल्पा (पौड़ी गढ़वाल) तथा कलियर शरीफ (हरिद्वार) जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शामिल हैं।




