बीडी इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य परीक्षण: 118 विद्यार्थियों की हुई हीमोग्लोबिन जांच 4 छात्राएं पाई गईं एनीमिक
बीडी इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य परीक्षण: 118 विद्यार्थियों की हुई हीमोग्लोबिन जांच 4 छात्राएं पाई गईं एनीमिक
भारत आवाज़ (24*7)
(ब्यूरो रिपोर्ट) भगवानपुर (हरिद्वार)। भारत विकास परिषद तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बीडी इंटर कॉलेज भगवानपुर में छात्र-छात्राओं के लिए स्वास्थ्य परीक्षण सह हीमोग्लोबिन जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 118 विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कक्षा 9 की तीन छात्राएं एनीमिक पाई गईं जबकि एक छात्रा गंभीर रूप से एनीमिक पाई गई जिसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
किशोरावस्था में हीमोग्लोबिन का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं भारत विकास परिषद (उत्तराखंड पश्चिम प्रांत) के महासचिव संजय गर्ग ने कहा कि हीमोग्लोबिन की कमी से युवाओं का शारीरिक व मानसिक विकास बाधित होता है और संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। आगे चलकर इसका प्रभाव गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय चौहान ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी जरूरी है ताकि समय रहते बीमारियों का उपचार हो सके।
खान-पान और बचाव के उपाय
चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकित सैनी ने रक्तअल्पता (एनीमिया) से बचाव के लिए पौष्टिक आहार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दैनिक आहार में गेहूं, बाजरे की रोटी, राजमा, लोबिया, भुना चना, गुड़, दालें तथा मेथी, पालक व चौलाई जैसी आयरन युक्त हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
वहीं परिषद की सचिव कल्पना सैनी ने बताया कि बच्चों में एनीमिया मुख्य रूप से आयरन और फोलिक एसिड की कमी से होता है। उन्होंने सतर्क करते हुए कहा कि आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां लेते समय चाय-कॉफी का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है।
इस अवसर पर प्रांतीय मीडिया प्रभारी संजय पाल, संयोजक सेवा निधि, पारुल, अनुदीप, सुधीर सैनी, रजत बहुखंडी, निखिल अग्रवाल, नेत्रपाल, डॉ. विजय त्यागी, अर्चना पाल, रितु वर्मा, संगीता गुप्ता तथा कु. सारीन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




