गंगा की निर्मलता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व: महात्मा सौम्यानंद
गंगा की निर्मलता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व: महात्मा सौम्यानंद

भारत आवाज़ (24*7)
कुंभ 2027 की तैयारियों के तहत प्रेम नगर आश्रम के साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने चलाया वृहद स्वच्छता अभियान
आश्रम के घाटों से एकत्र किया गया 10 टन कचरा मुख्य विकास अधिकारी ने की पहल की सराहना
(टीटू कुमार) हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने तथा आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से गंगा बंदी के दौरान एक विशाल स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। प्रेम नगर आश्रम के अनुयायियों और साधु-संतों ने मिलकर आश्रम परिसर और आसपास के गंगा घाटों पर वृहद सफाई अभियान चलाकर जन-जागरण का संदेश दिया।
10 टन कचरा एकत्र श्रमदान में उमड़ा उत्साह
इस अभियान में सैकड़ों साधु-संतों, अनुयायियों और स्वयंसेवकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। सामूहिक श्रमदान के जरिए घाटों और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 10 टन गीला और सूखा कचरा एकत्र कर उसे समुचित निस्तारण के लिए भेजा गया। अभियान के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की गई कि वे गंगा घाटों पर गंदगी न फैलाएं और मां गंगा की पवित्रता बनाए रखने में अपना योगदान दें।
प्रमुख विचार व प्रतिक्रियाएं
स्वच्छता किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं यह प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
महात्मा सौम्यानंद (महाप्रबंधक, प्रेम नगर आश्रम)
उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरुजी सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशों पर यह अभियान चलाया जा रहा है। गंगा हमारी आस्था और संस्कृति का आधार है, इसलिए इसकी पवित्रता की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है।
प्रशासन के साथ सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं और आमजन की भागीदारी जरूरी।
डॉ. ललित नारायण मिश्र (मुख्य विकास अधिकारी)
उन्होंने प्रेम नगर आश्रम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयासों से स्वच्छता एक जन-आंदोलन का रूप ले सकती है। कुंभ 2027 के दृष्टिगत पूरे हरिद्वार को स्वच्छ रखना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।
कुंभ 2027 में श्रद्धालुओं को मिले स्वच्छ वातावरण।
पवन कुमार
उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आएंगे। ऐसे में समय रहते घाटों और सार्वजनिक स्थलों को सुंदर और स्वच्छ बनाना बेहद आवश्यक है।
उल्लेखनीय भागीदारी
इस स्वच्छता महा-अभियान में अनुज रावत, शंकर लाल शर्मा, मोतीलाल, नरेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों, साधु-संतों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई और धर्मनगरी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।




