दस दिन के ब्रेक के बाद खुले नॉन-वेज होटल शौकीनों की उमड़ी भारी भीड़; अवैध शराब परोसने को लेकर गरमाई सियासत
दस दिन के ब्रेक के बाद खुले नॉन-वेज होटल शौकीनों की उमड़ी भारी भीड़; अवैध शराब परोसने को लेकर गरमाई सियासत

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार: दशहरा पर्व के चलते पिछले दस दिनों से बंद रहे नॉन-वेज होटलों के कपाट बुधवार को खुलते ही खाने के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लंबे इंतजार के बाद ग्राहकों का सब्र टूटता दिखा और शहर के तमाम मांसाहारी भोजनालयों पर जबरदस्त रौनक देखने को मिली।
हालांकि इस बीच खाने-पीने के शौकीनों की भीड़ के साथ-साथ होटलों में धड़ल्ले से परोसी जा रही अवैध शराब का मुद्दा भी शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
शहर में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि एक तरफ जहां पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों और नशेड़ियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है वहीं दूसरी तरफ कोतवाली और चौकियों से चंद कदमों की दूरी पर स्थित नॉन-वेज होटलों में खुलेआम शराब परोसी जा रही है।
खास बात यह है कि इन होटलों में सिर्फ अंदर ही शराब नहीं परोसी जा रही बल्कि स्कूटी सवार शराब तस्करों के जरिए होम डिलीवरी जैसी सुविधाएं भी आसानी से मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कथित मिलीभगत के बिना संभव नहीं है जिससे पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
ट्रक यूनियन के पास बने होटलों पर टकटकी
चर्चा यह भी है कि पुलिस भले ही अपने स्तर पर कार्रवाई के दावे कर रही हो लेकिन ट्रक यूनियन के पास संचालित होने वाले नॉन-वेज होटलों पर प्रभावी कार्रवाई करने से महकमा कतरा रहा है। शहर में आम चर्चा है कि कई बार पुलिसिया अभियानों की भनक पहले ही कुछ चुनिंदा होटल संचालकों को लग जाती है जिसके चलते बड़ी मछलियां हमेशा बच निकलती हैं और कार्रवाई केवल छोटे-मोटे दुकानदारों तक ही सिमट कर रह जाती है।
लगता है लंबा जाम यातायात नियमों की अनदेखी
इन होटलों के बाहर सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है बल्कि यातायात नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
अब आगे क्या?
अब देखना यह होगा कि क्या हरिद्वार पुलिस इस मामले का संज्ञान लेते हुए बड़े होटल संचालकों और अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर सख्त शिकंजा कसती है या फिर हमेशा की तरह सिर्फ छोटी-मोटी कार्रवाई करके अपनी पीठ थपथपा ली जाएगी। यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।




