हरिद्वार धर्मनगरी में स्वच्छता महाअभियान का 16वां दिन 3 टन कचरा निस्तारित
हरिद्वार धर्मनगरी में स्वच्छता महाअभियान का 16वां दिन 3 टन कचरा निस्तारित

भारत आवाज़ (24*7)
सीएम धामी के निर्देशों पर कुंभ मेलाधिकारी सोनिका व डीएम मयूर दीक्षित के नेतृत्व में चल रहा अभियान
ओमपुल घाट और दूधधारी क्षेत्र में चला विशेष सफाई अभियान, जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ली गई मदद
(विशाल सिंह) हरिद्वार, 05 नवंबर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप आगामी दिव्य और भव्य कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन का विशेष स्वच्छता महाअभियान बुधवार को लगातार 16वें दिन भी पूरी एकजुटता के साथ जारी रहा। कुंभ मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल मार्गदर्शन में जिले के प्रमुख गंगा घाटों मंदिर परिसरों तथा सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर सफाई की गई।
विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने दिखाया उत्साह
अभियान के 16वें दिन ओमपुल घाट के आसपास तथा दूधधारी क्षेत्र में केंद्रित होकर सफाई अभियान चलाया गया। इसमें जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमों के साथ-साथ एसबीएमए डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स, आदर्श युवा समिति, भुवनेश्वरी महिला आश्रम (आईटीसी मिशन सुनहरा कल) सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, कार्मिकों और पर्यावरण मित्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हटाया गया टन भर कचरा
सफाई के दौरान घाटों और आसपास के इलाकों से करीब 3 टन कूड़ा और अपशिष्ट पदार्थ एकत्रित किया गया। अभियान को गति देने के लिए जेसीबी मशीनों का सहारा लिया गया जिससे भारी मात्रा में कूड़े का उठान संभव हुआ। एकत्रित कचरे को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से सुरक्षित रूप से निर्धारित निस्तारण स्थलों तक पहुंचाकर उचित प्रबंधन के लिए नगर निगम हरिद्वार को सौंप दिया गया।
गंगा में न बहाएं कपड़े और कचरा: प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों तीर्थयात्रियों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराएं। प्रशासन ने आग्रह किया है कि गंगा घाटों व सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं। साथ ही, पुराने कपड़ों व अन्य पूजन सामग्री को पवित्र गंगा नदी में प्रवाहित करने के बजाय प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही जमा करें ताकि मां गंगा की स्वच्छता और निर्मलता अक्षुण्ण बनी रहे।




