विकसित उत्तराखण्ड’ का संकल्प: मुख्यमंत्री धामी
हरिद्वार में 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर।

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं। प्रदेशभर के सभी विकासखंडों में एक साथ 60,000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को इस प्रशिक्षण से जोड़ना ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी का आह्वान
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों को लोकतंत्र की अहम कड़ी और जनता व सरकार के बीच का सेतु बताते हुए मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी की भावना से काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए जन योजना अभियान के तहत पेयजल सड़क स्वच्छता शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी विकास योजनाएं तैयार की जाएं।
डिजिटल पंचायत और स्वच्छता पर बल
राज्य में 5,972 ग्राम पंचायतों को ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित किए जाने और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जियो-टैगिंग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “पंचायत का पैसा जनता का पैसा है और इसकी एक-एक पाई का हिसाब पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने के साथ-साथ महिला स्व-सहायता समूहों स्थानीय पर्यटन और कृषि को बढ़ावा देकर ग्रामीण पलायन रोकने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भी विचार रखे और कहा कि पंचायतों में सक्रियता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी ,विधायक आदेश चौहान, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित कई जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।




