सुमन नगर में अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर एचआरडीए की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, क्षेत्रवासियों की टिकी निगाहें
सुमन नगर में अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर एचआरडीए की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, क्षेत्रवासियों की टिकी निगाहें

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार: हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सुमन नगर में अवैध कॉलोनियों के बेरोकटोक विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात की चर्चा आम है कि सुमन नगर चौकी के पीछे धड़ल्ले से नई कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और वहां मकानों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।
निगरानी और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
अकालस्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन क्षेत्रों में बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के प्लॉटिंग व निर्माण कार्य हो रहे हैं तो यह एचआरडीए की लचर निगरानी व्यवस्था की ओर इशारा करता है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या विभागीय अधिकारियों की नजर अवैध निर्माण पर कार्य शुरू होने के बाद ही पड़ती है या शुरुआती चरणों में नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता? हालांकि विभागीय लापरवाही या गठजोड़ के जो आरोप चर्चा में हैं उनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अतीत की तरह भविष्य में भी सुमन नगर की इन अवैध कॉलोनियों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को भारी-भरकम मशीनें लगाकर पानी निकलवाना पड़ेगा जिससे अंततः सरकारी धन का ही दुरुपयोग होता है। जनता का मानना है कि इसमें करनी किसी की और भरनी किसी और की वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
कार्रवाई और जन-जागरूकता की मांग
क्षेत्रवासियों ने एचआरडीए से मांग की है कि वह तत्काल सुमन नगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करवाकर स्थिति स्पष्ट करे। यह जांचा जाए कि कहां-कहां नियम विरुद्ध प्लॉटिंग हो रही है और किन निर्माणों को अनुमति मिली है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे ज़मीन खरीदने से पहले स्वीकृत लेआउट और दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य कर लें। अब देखना यह है कि प्राधिकरण इन मामलों का संज्ञान लेकर कब तक ठोस कार्रवाई करता है।




