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आशा कार्यकत्रियों के संघर्ष को मिली बड़ी जीत: स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने एम्स प्रसव भुगतान व हरिद्वार के बकाया मानदेय पर तुरंत जारी किए निर्देश

आशा कार्यकत्रियों के संघर्ष को मिली बड़ी जीत: स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने एम्स प्रसव भुगतान व हरिद्वार के बकाया मानदेय पर तुरंत जारी किए निर्देश

भारत आवाज़ (24*7)

(विशाल सिंह) ​देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ मानी जाने वाली आशा बहनों की लंबित समस्याओं पर आखिरकार राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन (उत्तराखंड) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी से उनके आवास पर मुलाकात की। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के सभी 13 जनपदों का प्रतिनिधित्व कर रहे इस संगठन के साथ स्वास्थ्य मंत्री की बातचीत काफी सकारात्मक रही, जिसमें आशा बहनों की कई प्रमुख मांगों पर तुरंत कदम उठाए गए।

​1. एम्स (AIIMS) ऋषिकेश में प्रसव पर भी मिलेगा पूरा भुगतान

​बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ध्यान दिलाया कि एम्स ऋषिकेश में गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने लाने वाली आशा बहनों को राज्य सरकार भुगतान रोक रही थी। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने तत्काल स्वास्थ्य महानिदेशक  के जरिए सभी 13 जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMOs) को निर्देश दिए कि अब एम्स ऋषिकेश में प्रसव कराने पर भी आशा बहनों को राज्य सरकार की ओर से अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाएगा।

​2. दीपावली से पहले हरिद्वार की आशा बहनों का रुका हुआ भुगतान होगा प्राप्त ।

​जनपद हरिद्वार के महिला चिकित्सालय में NPPL सेवाओं के तहत आशा बहनों का लंबे समय से रुका प्रसव भुगतान भी जल्द जारी होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने हरिद्वार के CMO को स्पष्ट निर्देश देते हुए आश्वासन दिया कि दीपावली त्योहार से पहले सभी आशा बहनों के बकाये का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

​11 सूत्रीय मांगों पर सौंपा ज्ञापन, मंत्री ने दिए नीति बनाने के निर्देश

​संगठन की प्रदेश महामंत्री  लल्तेश विश्वकर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी भंडारी और प्रदेश कोषाध्यक्ष गंगा गुप्ता के हस्ताक्षर युक्त 11 सूत्रीय मांग पत्र स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा गया। मंत्री महोदय ने ज्ञापन पर  लिखकर उच्च अधिकारियों को जल्द सकारात्मक नीति तैयार करने के निर्देश जारी किए।

​प्रमुख मांगें:

    • ​स्थायीकरण व न्यूनतम वेतन: आशा कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए या न्यूनतम ₹18,000 मासिक वेतन तय हो।
    • ​राज्य प्रोत्साहन राशि: प्रोत्साहन राशि को ₹3,300 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह किया जाए।
    • ​सुरक्षा व मुआवजा: ₹5 लाख का दुर्घटना बीमा और सेवानिवृत्ति/मृत्यु पर ₹10 लाख का एकमुश्त मुआवजा।
    • ​भत्तों में बढ़ोतरी:
      • ​पल्स पोलियो भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹800 प्रतिदिन हो।
      • ​डेंगू कार्य के लिए ₹5,000 प्रति माह और हेल्प डेस्क ड्यूटी राशि ₹150 से बढ़ाकर ₹800 की जाए।
    • ​यातायात सुविधा: यात्रा भत्ता अथवा स्कूटी उपलब्ध कराई जाए और सभी कार्यों की प्रोत्साहन राशि को 4 गुना बढ़ाकर मासिक भुगतान किया जाए।

​उपस्थित रहे ये लोगे । 

इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के संरक्षक प्रभारी  पवन कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष/हरिद्वार जिला महामंत्री  सुनीता तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी भंडारी और ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश थलवाल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री के इन त्वरित और सकारात्मक फैसलों को आशा कार्यकत्रियों के लंबे संघर्ष की एक बड़ी जीत बताया है।

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