कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत आठवें दिन भी गरजा स्वच्छता महाअभियान: हरिद्वार में बहेगी स्वच्छता की धारा
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत आठवें दिन भी गरजा स्वच्छता महाअभियान: हरिद्वार में बहेगी स्वच्छता की धारा

भारत आवाज़ (24*7)
प्रेम नगर आश्रम से सिंहद्वार पुल तक चलाया गया विशेष अभियान, 16 टन कूड़ा एकत्रित
पुलिस के 250 प्रशिक्षु कर्मियों, आश्रम कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों व स्वयंसेवियों ने निभाई मुख्य भूमिका
(विशाल सिंह) हरिद्वार, 28 अक्टूबर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में और आगामी कुंभ मेला-2027 की भव्य तैयारियों के दृष्टिगत हरिद्वार में संचालित विशेष स्वच्छता महाअभियान आठवें दिन भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहा। कुंभ मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल नेतृत्व में गंगा घाटों, मंदिर परिसरों, सार्वजनिक स्थलों व ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
बुधवार को अभियान का मुख्य केंद्र प्रेम नगर आश्रम पुल से सिंहद्वार पुल तक का क्षेत्र रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत एवं सीओ ट्रैफिक बिपेंदर सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस लाइन के लगभग 250 प्रशिक्षु कर्मियों ने मोर्चा संभाला। प्रेम नगर आश्रम के महाप्रबंधक महात्मा सौम्यानंद के नेतृत्व में 40 कार्यकर्ताओं तथा भुवनेश्वरी महिला आश्रम व आईटीसी मिशन सुनहरा कल के 18 स्वयंसेवकों ने मिलकर 12 टन कचरा हटाकर निस्तारण हेतु नगर निगम को सौंपा।
घाट-घाट चला सफाई का चक्र:
- सतनाम साक्षी घाट: डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और आदर्श युवा समिति के 20 स्वयंसेवकों ने घाट क्षेत्र से करीब 100 बैग (लगभग 2 टन) छोड़े गए कपड़े एकत्रित कर नगर निगम को सौंपे।
- गोविंद घाट: इनरव्हील क्लब द्वारा आयोजित सफाई अभियान में मुख्य अतिथि महापौर किरण जैसल व पार्षद ममता नेगी शामिल हुईं।
- नमामि गंगे व चंडी घाट: जिला पंचायत द्वारा चलाए गए अभियान में 65 किग्रा प्लास्टिक कचरा एवं 325 किग्रा गीला कचरा हटाया गया।
- नाई घाट व नाई सोता घाट: भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने गंगा तट पर सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया।
कुल 16 टन कचरा एकत्रित:
दिनभर चले इस वृहद अभियान में विभिन्न घाटों और क्षेत्रों से कुल मिलाकर लगभग 16 टन गीला एवं सूखा कूड़ा एकत्रित किया गया।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे कुंभ 2027 से पूर्व हरिद्वार को सुंदर बनाने के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और घाटों पर कचरा न फैलाएं।




