दुर्घटनाओं के बाद जागा प्रशासन: ARTO नेहा झा के नेतृत्व में लग्जरी बसों पर बड़ी कार्रवाई 2 बसें सीज 35 का चालान!
नो टॉलरेंस मोड में हरिद्वार परिवहन विभाग: परमिट व नियमों से खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों को दी गई अंतिम चेतावनी

भारत आवाज़ (24*7)
( विशाल सिंह) हरिद्वार। पड़ोसी राज्यों में हुई दर्दनाक बस दुर्घटनाओं ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। हरिद्वार की सड़कों पर यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए महा-अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त आदेशों के बाद लगातार तीसरे दिन चले इस चेकिंग अभियान से अनधिकृत बस संचालकों में हड़कंप मच गया है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु
- 35 चालान: नियमों की अनदेखी, अधूरे कागजातों और ओवरलोडिंग पर ताबड़तोड़ चालान काटे गए।
- 2 बसें सीज: गंभीर अनियमितताएं और अनधिकृत बदलाव पाए जाने पर 2 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
- दस्तावेजों का एक्स-रे: फिटनेस, इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन, परमिट और यात्री क्षमता की बारीकी से जांच की गई।
यात्रियों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं — ARTO नेहा झा
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा और परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी की अगुआई में उतरी टीम ने सीधे सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाला।
सम्भागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा:
हरिद्वार की सीमा में प्रवेश करने वाली हर लग्जरी बस को सुरक्षा के सभी तकनीकी मानकों पर खरा उतरना होगा। जो बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालेंगे, उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय है।
बस संचालकों को रेड सिग्नल की चेतावनी
परिवहन विभाग ने सभी बस मालिकों और ड्राइवरों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि:
- दस्तावेज पूरे रखें: फिटनेस, बीमा और परमिट अपडेट न होने पर गाड़ी तुरंत सीज की जाएगी।
- मॉडिफिकेशन पर रोक: वाहनों में किए गए किसी भी प्रकार के अवैध बदलाव को तुरंत हटा लें।
- जारी रहेगा अभियान: यह चेकिंग अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन के इस कड़े रुख से साफ संदेश गया है कि हरिद्वार में यात्रियों की सुरक्षा पर अब कोई समझौता नहीं होगा!




