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स्वाधीनता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल और गृह सचिव से की मुलाकात

स्वाधीनता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल और गृह सचिव से की मुलाकात

भारत आवाज़ (24*7)

(शुभोद कुमार) देहरादून। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन तथा शासन के गृह सचिव शैलेश बागौली से शिष्टाचार मुलाकात कर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं व मांगों पर विस्तृत चर्चा की।

​राजभवन (लोक भवन) में आयोजित मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम को देवभूमि आगमन पर बधाई दी और पुष्पगुच्छ व संगठन का पटका पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकर, राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी, मीडिया प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह राणा, संगठन सचिव अनुराग सिंह गौतम, शशांक गुप्ता एवं आदित्य गहलोत ने हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विमोचित पुस्तक स्वाधीनता के पथिक हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी” महामहिम को भेंट की।

​राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने राज्यपाल को हरिद्वार के स्वाधीनता संग्राम व कुंजा बहादुरपुर के अमर सेनानियों के ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराया। उन्होंने 1942 में मात्र 17 वर्ष की आयु में तिरंगा फहराते हुए शहीद हुए ऋषिकुल के छात्र शहीद जगदीश वत्स के बलिदान की जानकारी दी। महामहिम राज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि सेनानियों व उनके परिजनों को सदैव यथोचित सम्मान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

​गृह सचिव के सामने रखीं प्रमुख मांगें:

इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में गृह सचिव शैलेश बागौली से भेंट की। महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने गृह सचिव का ध्यान मुख्यमंत्री द्वारा हरिद्वार में शहीद जगदीश वत्स स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन बनाने की घोषणा की ओर आकर्षित किया।

​वार्ता के दौरान समिति ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए, जिनमें शामिल हैं:

  • ​असम की तर्ज पर प्रत्येक जिले में स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन का निर्माण एवं आवासहीन परिवारों को भूखंड आवंटन।
  • ​दोहरी पेंशन की समस्या के समाधान हेतु ‘सम्मान पेंशन’ का नाम बदलकर ‘सम्मान निधि’ करना तथा इसमें सम्मानजनक वृद्धि।
  • ​उत्तराखंड परिवहन की बसों में पौत्र, पौत्री, नाती, नातिन और पुत्रवधु को पंजाब सरकार की तर्ज पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा।
  • ​शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी नौकरियों में सेनानियों की चौथी व पांचवीं पीढ़ी को आरक्षण का लाभ तथा बेरोजगार युवाओं को अनुकंपा नियुक्ति।
  • ​शहीद जगदीश वत्स व अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना और जयन्ती/पुण्यतिथि का प्रदेश स्तर पर आयोजन।
  • ​स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण परिषद में नियमानुसार उपाध्यक्षों की नियुक्ति।

​गृह सचिव शैलेश बागौली ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि दीपावली के बाद इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।

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