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आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने परखी निर्माणाधीन चार स्थायी पुलों की गुणवत्ता मेलाधिकारी सोनिका की पहल पर तकनीकी जांच

आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने परखी निर्माणाधीन चार स्थायी पुलों की गुणवत्ता मेलाधिकारी सोनिका की पहल पर तकनीकी जांच

भारत आवाज़ (24*7)

(विशाल सिंह) ​हरिद्वार, 04 नवंबर  कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देते हुए मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुगम आवाजाही और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। मेलाधिकारी  सोनिका की पहल पर हरिद्वार में बन रहे चार बड़े स्थायी पुलों का तकनीकी परीक्षण आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम से कराया जा रहा है।

​आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. संजय के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने कुंभ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर चारों पुलों के निर्माण कार्यों की प्रगति, प्रयुक्त तकनीक और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना और गुणवत्ता में उच्च स्तर बनाए रखना है।

​ चार प्रमुख पुलों का किया गया स्थलीय निरीक्षण:

  1. ​खड़खड़ी मार्ग (सुखी नदी): यहाँ निर्माणाधीन डबल लेन पुल के कार्यों का निरीक्षण किया गया।
  2. ​मायापुर एस्केप चैनल: दक्षद्वीप और बैरागी कैंप को जोड़ने वाले 60 मीटर स्पान के बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर डबल लेन पुल की जांच की गई।
  3. ​पथरी रौ नदी (ज्वालापुर-शिवालिक नगर मार्ग): ज्वालापुर से ईदगाह, सुभाषनगर पीएसी होते हुए शिवालिक नगर जाने वाले मार्ग पर 60 मीटर स्पान के प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी पुल का जायजा लिया गया।
  4. ​धनौरी-सिडकुल लिंक रोड (पथरी रौ नदी): पुराने गंगनहर साइफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के कम्पोजिट स्टील गर्डर डबल लेन पुल का तकनीकी परीक्षण किया गया।

​यातायात सुगमता और दीर्घकालिक ढांचागत विकास

​यह चारों स्थायी पुल कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में यातायात के दबाव को नियंत्रित करने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मार्ग को मजबूत बनाने में बेहद अहम भूमिका निभाएंगे। मेला प्रशासन का संकल्प है कि ये पुल न केवल कुंभ 2027 में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक सिद्ध हों बल्कि मेले के बाद भी शहर की स्थायी यातायात व्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।

  1. ​गुणवत्ता नियंत्रण के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी और विभागीय जांच के साथ-साथ आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मेला कार्यालय के तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार भट्ट तथा लोक निर्माण और सिंचाई विभाग के कई वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे।

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