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देवभूमि हरिद्वार के हुतात्माओं का अमरकंटक में हुआ भव्य यशगान: स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने ली राष्ट्र निर्माण की शपथ

देवभूमि हरिद्वार के हुतात्माओं का अमरकंटक में हुआ भव्य यशगान: स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने ली राष्ट्र निर्माण की शपथ

भारत आवाज़ (24*7)

(टीटू कुमार) ​अमरकंटक/हरिद्वार, 27 अक्टूबर: स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में मध्यप्रदेश के पावन तीर्थ अमरकंटक स्थित श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ में आयोजित ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार सम्मेलन’ अभूतपूर्व गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। शिवडेल स्कूल के संस्थापक एवं श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महन्त स्वामी शरद पुरी महाराज के पावन सान्निध्य में हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे सेनानी परिवारों का अमरकंटक की पवित्र धरा पर महामंडप में विशेष स्मृति चिह्न व माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।

​अपनी गरिमा को पहचानें सेनानी परिवार: जितेन्द्र रघुवंशी

​समारोह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ द्वारा सेनानी परिवारों को दिए गए इस विशिष्ट सम्मान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने हुतात्माओं के वंशजों का आह्वान करते हुए कहा:

​स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के भाइयों-बहनों  अपनी गरिमा को पहचानिए आज आपको जो मान-सम्मान मिल रहा है वह आपके पूर्वजों के अदम्य साहस उनके महान कर्तृत्व और उनके वंशज होने के कारण है। आइए हम सब मिलकर देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के इस महायज्ञ में रचनात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं।

 

​रघुवंशी ने हाल ही में हरिद्वार में हुए ऐतिहासिक कार्यों का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि 18 अक्टूबर को जिला प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सहयोग से जटवाड़ा पुल (ज्वालापुर) स्थित शहीद जगदीश वत्स पार्क का सौंदर्यीकरण कर 529 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों से सुसज्जित ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद कीर्ति स्तंभ’ का लोकार्पण एवं ‘स्वाधीनता के पथिक: हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी’ पुस्तक का विमोचन किया गया है। उन्होंने इसके लिए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए देश के हर जिले में ऐसे ही प्रेरणादायी प्रयास करने का आह्वान किया।

​स्वामी हरिहरानंद के क्रांतिकारी योगदान का हुआ स्मरण: स्वामी शरद पुरी

​श्रीमहामेरु शक्तिपीठ के परमाध्यक्ष महन्त स्वामी शरद पुरी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि शक्तिपीठ में दिव्य शक्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान होना परम सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले सेनानियों और शहीदों के वंशजों का सम्मान करना वस्तुतः प्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रभक्ति का ही सम्मान करना है।

​स्वामी शरद पुरी जी ने एक ऐतिहासिक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उनके कुलगुरु स्वामी हरिहरानंद जी एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने वाराणसी में एक बावड़ी के भीतर सुरंग बनाकर तहखाने में गुप्त प्रेस स्थापित किया था, जहाँ से क्रांतिकारियों के लिए मार्गदर्शक पत्र मुद्रित कर वितरित किए जाते थे। वे स्वाधीनता संग्राम के दौरान पंडित मदन मोहन मालवीय जी के साथ लंबे समय तक जेल में भी रहे।

​इन प्रमुख हस्तियों ने की शिरकत और दी प्रस्तुतियां

​कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गान के साथ हुआ। इस राष्ट्रीय समागम में देश के कोने-कोने से पधारे विशिष्ट पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

  • ​मातृशक्ति मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा: डॉ. दीपा दास
  • ​छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष: डॉ. उषा वाजपेयी
  • ​राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: चन्द्र प्रकाश वाजपेयी, डॉ. राजा भैया मिश्र, डॉ. आलोक चंसोरिया, राजेश प्रताप सिंह
  • ​युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष: आदित्य प्रताप सिंह
  • ​अन्य विशिष्टजन: कमल अग्रवाल, राधेश्याम सोनी, सुधीर कुमार पांडे, प्रमोद कुमार द्विवेदी, दुष्यंत दुबे, नरेश कुमार यादव, महेश कुमार वर्मा और डॉ. शकुंतला जितपुरे।

​कार्यक्रम के दौरान महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  रघुवंश प्रताप सिंह के प्रपौत्र आदित्य प्रताप सिंह द्वारा निर्देशित बहुचर्चित फिल्म ‘नोटिस’ का विशेष प्रमोशन किया गया। इस फिल्म में रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार तथा माता सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका जी भी महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आएंगी।

​संत-महात्माओं का हुआ सम्मान

​समारोह के अंत में समिति की ओर से महन्त स्वामी शरद पुरी महाराज के साथ-साथ स्वामी प्रज्ञा पुरी, स्वामी ऋचा पुरी, स्वामी आस्था पुरी, स्वामी नित्यपुरी, स्वामी संज्ञा पुरी, स्वामी शिखा पुरी, स्वामी सनत पुरी, स्वामी सत्यम पुरी, स्वामी गोधन पुरी, स्वामी आज्ञा पुरी, स्वामी गार्गी पुरी और स्वामी सनातन पुरी को संगठन का अंग वस्त्र (पटका), पुष्पमाला एवं मोतियों की माला पहनाकर कृतज्ञता व्यक्त की गई।

​यह सम्मेलन इस बात का प्रखर संदेश दे गया कि भारत के अमर हुतात्माओं का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा और उनके उत्तराधिकारी देश की अखंडता व विकास के लिए सदैव संकल्पित रहेंगे।

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