हरिद्वार: हर की पौड़ी पर माँ गंगा में गिरा गटर का गंदा पानी सावक मंच का फूटा गुस्सा उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
हरिद्वार: हर की पौड़ी पर माँ गंगा में गिरा गटर का गंदा पानी सावक मंच का फूटा गुस्सा उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार। जिस पावन हर की पौड़ी पर देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था और मोक्ष की आस लेकर पहुँचते हैं उसी प्रांगण में प्रशासनिक नाकामी और लापरवाही का एक शर्मनाक नज़ारा सामने आया है। हर की पौड़ी के पास गटर और नाले का बदबूदार, दूषित पानी सीधे मोक्षदायिनी माँ गंगा की पवित्र धारा में समाता दिखा। इस घटना की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं स्थानीय लोगों और संत समाज में भारी आक्रोश फैल गया। वहीं, ‘सावक मंच’ के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
नमामि गंगे के दावों की खुली पोल
घटनास्थल पर इकट्ठा होकर ‘सावक मंच’ के कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन और जल संस्थान के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए उग्र विरोध प्रदर्शन किया । कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार गंगा स्वच्छता के नाम पर ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत अरबों रुपये खर्च करने के दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि सर्वोच्च पवित्र स्थल पर ही सीवर का पानी खुलेआम गंगा में बहाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने इसे न केवल पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बताया, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था पर सीधा कुठाराघात करार दिया।
समाधान नहीं हुआ तो ईंट से ईंट बजा देंगे — सावक मंच का अल्टीमेटम
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सावक मंच के अध्यक्ष चंद्र मोहन कौशिक ने प्रशासनिक सुस्ती पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
माँ गंगा हमारी जीवनदायिनी और आस्था का प्रतीक हैं। हर की पौड़ी पर गटर का पानी गिरना अक्षम्य अपराध है। यह जल संस्थान और स्थानीय प्रशासन की आपराधिक लापरवाही को दर्शाता है। यदि दूषित पानी के इस स्रोत को तुरंत बंद नहीं किया गया तो सावक मंच सड़कों पर उतरकर ऐसा उग्र आंदोलन करेगा जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी।
वहीं वरिष्ठ कार्यकर्ता विशाल यादव ने नगर निगम और संबंधित विभागों को कटघरे में खड़ा करते हुए माँग की:
करोड़ों का बजट ठिकाने लगाने के बाद भी अगर सीवर का पानी गंगा में गिर रहा है तो ज़िम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए। जब तक इस नाले को पूरी तरह सील नहीं किया जाता हमारा संघर्ष जारी रहेगा।




