युवाओं की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से ही संभव है नशा मुक्त समाज: एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन
युवाओं की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से ही संभव है नशा मुक्त समाज: एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन

भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार: हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज, धनौरी में उत्तराखंड पुलिस की ओर से साइबर क्राइम एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
परिवार पर पड़ता है नशे का गहरा असर
एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत का दुष्प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरा परिवार इसकी पीड़ा भुगतता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खुद नशा से दूर रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
पुलिस और युवाओं का (सहयोग) प्रयास
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की गुप्त सूचना पुलिस को दें ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने इस मुहिम में युवाओं से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
- सराहनीय संवाद: कार्यशाला के दौरान एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने विद्यार्थियों से सीधे सवाल-जवाब किए। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं द्वारा विषयों पर दी गई सटीक जानकारी और उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर अधिकारियों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
- साइबर क्राइम से बचाव के गुर: देहरादून से आई साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से लघु फिल्में और चित्र दिखाकर विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के तरीकों से अवगत कराया। टीम ने बच्चों से अपील की कि वे गांवों में जाकर आम लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हर्ष सैनी और सचिव डॉ. आदित्य सैनी द्वारा अतिथियों के स्वागत और संस्थापक स्व. डॉ. तेजवीर सिंह सैनी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। संचालन डॉ. योगेश योगी ने किया।
इस अवसर पर एसपी ग्रामीण अभय सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक देवव्रत जोशी, प्राचार्य डॉ. मुनेन्द्र सिंह सहित महाविद्यालय के तमाम शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




