हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट जंतर-मंतर कूच से पहले पुलिस ने की कार्रवाई नेताओं ने बताया अघोषित आपातकाल
हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट जंतर-मंतर कूच से पहले पुलिस ने की कार्रवाई नेताओं ने बताया अघोषित आपातकाल
भारत आवाज़ (24*7)
(विशाल सिंह) हरिद्वार: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हरिद्वार में उनके घरों में नजरबंद (House Arrest) कर दिया है। इस कार्रवाई से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर तानाशाही और हठधर्मिता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
जनता के संवैधानिक अधिकारों पर हमला
यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कैश खुराना और वरिष्ठ नेता महेश प्रताप सिंह राणा ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है और मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है लेकिन यह सरकार जनता से वह हक भी छीन रही है जो कि देश में अघोषित आपातकाल जैसा है।
ट्रेन बस हवाई जहाज सब रोके जा रहे
पार्षद विवेक भूषण विक्की और दिव्यांश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए सरकार ने ट्रेन बस और अन्य यात्रा माध्यमों तक पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। किसान आंदोलन की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन दमनकारी नीतियों से डरने वाले नहीं हैं।
इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध
सतीश दाबडे और लक्की महाजन ने कहा कि जिस व्यक्ति ने वोटर लिस्ट से करोड़ों देशवासियों के नाम काटकर उन्हें मताधिकार से वंचित किया है, उसे बचाने के लिए पूरा तंत्र लगा हुआ है। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते तब तक देश भर में इसी प्रकार विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।




