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एसएमजेएन पी.जी. कॉलेज में ‘गढ़भोज’ का आयोजन: पारंपरिक खान-पान में छिपा है उत्तराखंड का ज्ञान-विज्ञान

एसएमजेएन पी.जी. कॉलेज में ‘गढ़भोज’ का आयोजन: पारंपरिक खान-पान में छिपा है उत्तराखंड का ज्ञान-विज्ञान

भारत आवाज़ (24*7)

​(विशाल सिंह) हरिद्वार। एसएमजेएन पी.जी. कॉलेज, हरिद्वार में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक खान-पान एवं स्थानीय अनाजों के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से ‘गढ़भोज’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मंडुवा, झंगोरा, भट्ट और गहत जैसे स्थानीय अनाजों एवं दालों से तैयार पौष्टिक व्यंजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी।

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीमहन्त डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज ने कहा कि गढ़भोज केवल भोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और जीवन-पद्धति का प्रतिबिंब है। हमारे पूर्वजों ने भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्यवर्धक खाद्य परंपरा विकसित की थी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़ें और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

​उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा में भोजन को स्वस्थ जीवन और संस्कारों का आधार माना गया है। उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों में पीढ़ियों का ज्ञान-विज्ञान समाहित है। वहीं वरिष्ठ पत्रकार संदीप रावत ने कहा कि पहाड़ के व्यंजन वहां के मेहनतकश जीवन और कृषि व्यवस्था का परिणाम हैं। अपनी मिट्टी और अन्न पर गर्व करना ही सांस्कृतिक आत्मविश्वास है।

​महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने अपने संदेश में कहा कि गढ़भोज का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, कृषि और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान जगाना है।

​प्रतियोगिता के परिणाम:

गढ़भोज व्यंजन प्रस्तुति प्रतियोगिता में बी.एस.सी. की छात्रा सोनाली, वंशिका और माही ने संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार हासिल किया। बी.एस.सी. की संगीता भट्ट, मीनाक्षी, शिल्पी, अंकिता, दिव्यांशी व प्रिया को द्वितीय पुरस्कार तथा कशिश रावत, नेहा जोशी व स्वीटी रानी को तृतीय पुरस्कार मिला। बी.ए. की छात्रा खुशी, रिमझिम, नीशू एवं बी.कॉम. की आस्था व आयुषी को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

​कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय माहेश्वरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर आयोजक मंडल की डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, डॉ. गीता शाह, डॉ. सरोज शर्मा, श्री पंकज भट्ट सहित कॉलेज के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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